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वन्दे मातरम........!!

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उठो जागो क्यूँ सो रहे हो........!

Posted On: 8 Aug, 2012 में

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उठो जागो क्यूँ सो रहे हो, राष्ट्र का अपमान कैसे सह रहे हो!
भीख कि आजादी ले ली, शहीदों का क्यूँ अपमान किया,
क्यों देशद्रोही बन गए, अपना ईमान कैसे बेच दिया,
पेट नहीं भरा उन पैसों से, राष्ट्र को क्यूँ बेचने चले,
अपनी अस्मिता मिटा कर क्यूँ, विदेशयों के कठपुतली बने,
देशद्रोही आप हो, देशद्रोही मैं हूँ, क्यूंकि हम मौन रहे,
क्या अब भी मौन रहोगे, राष्ट्र का अपमान सहोगे,
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छीन लो अपनी आजादी, अपनी संस्कृति का सम्मान करो,
राष्ट्र को बेचने वालों का, राष्ट्रहित में तुम वध करो,
समय है बलिदान का क्या बलिदान नहीं दे पाओगे,
डरते हो अगर मौत से, कायर ही रह जाओगे
चिंगारी जल चुकी है आग तुम्हे लगाना है,
भारत को इंडिया से बचाने, तुम्हे रक्त चढ़ाना है…..
अपने रक्त की आहुति दो, स्वतंत्रता की अग्नि पुन: जल सके

करो अपना जीवन अर्पण, यह भारत भारत बन सके
……………………………..
उठो जागो क्यूँ सो रहे हो, राष्ट्र का अपमान कैसे सह रहे हो !

………………………………
किसको मिली आजादी …???
कल हम अंग्रेजों के गुलाम थे
आज अपनों के गुलाम है …सोंचो ..???
जब रात १२ बजे देश आजाद हुआ था जनता सो रही थी और वो आज भी सो रही है
वर्ना देश की ये हालत न होती ,
आजादी —-वकील ले रहे थे
आजादी —-नेता ले रहे थे
आजादी —-पुलिस ले रही थी
आजादी —पत्रकार ले रहे थे
आज केवल यही चार लोग आजाद है
हम कल भी अँधेरे में थे और आज भी अँधेरे में जी रहे हैं..!!!
बाहर निकलो इस अँधेरे से देर तो हो चुकी है…..हो सकता है रोशनी कभी मिले ही नहीं……..!

जय हिंद जय भारत….वन्दे मातरम……!

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30 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

phoolsingh के द्वारा
August 16, 2012

प्रीतिश जी, ” जब रात १२ बजे देश आजाद हुआ था जनता सो रही थी और वो आज भी सो रही है” सत्य कहा आपने. सुंदर रचना बधाई…… फूल सिंह

pritish1 के द्वारा
August 16, 2012

स्वामीजी के सानिध्य मैं ही भारत पुन: विश्व का नेतृत्व करेगा आने वाले समय में आप देख लीजियेगा वन्देमातरम…….

yogi sarswat के द्वारा
August 16, 2012

प्रीतिश जी, रामदेव बाबा हो गये मोदी के भक्त… उनके कहे से तो हम उठने से रहे….इससे तो अच्छा है सोते ही रहें…. परिवर्तन की पहली शर्त है…साफ़ नीयत… वो तो किसी में कहीं नजर नहीं आती…सब कोई अपनी अपनी भांज रहा है… देश जाये चुल्हे में. आप जैसे उत्साही देशभक्त युवाओं के होते हुए हम ज्यादा अँधेरे में नहीं रहेंगे ,..आक्रोशपूर्ण अभिव्यक्ति के लिए हार्दिक अभिनन्दन ..सादर ! आपके लेख इस मंच की शोभा और समाज के हित में होते हैं ! वन्देमातरम

Santosh Kumar के द्वारा
August 15, 2012

श्री प्रीतीश जी ,.सादर नमन आप जैसे उत्साही देशभक्त युवाओं के होते हुए हम ज्यादा अँधेरे में नहीं रहेंगे ,..आक्रोशपूर्ण अभिव्यक्ति के लिए हार्दिक अभिनन्दन ..सादर वन्देमातरम

    pritish1 के द्वारा
    August 16, 2012

    वन्देमातरम…….

Chandan rai के द्वारा
August 15, 2012

प्रतिष् जी , आजादी —-वकील ले रहे थे आजादी —-नेता ले रहे थे आजादी —-पुलिस ले रही थी आजादी —पत्रकार ले रहे थे आज केवल यही चार लोग आजाद है बेहद सुन्दर रचना ! जय हिंद !

    pritish1 के द्वारा
    August 16, 2012

    वन्देमातरम………

pritish1 के द्वारा
August 14, 2012

किसको मिली आजादी …??? कल हम अंग्रेजों के गुलाम थे आज अपनों के गुलाम है …सोंचो ..??? जब रात १२ बजे देश आजाद हुआ था जनता सो रही थी और वो आज भी सो रही है वर्ना देश की ये हालत न होती , आजादी —-वकील ले रहे थे आजादी —-नेता ले रहे थे आजादी —-पुलिस ले रही थी आजादी —पत्रकार ले रहे थे आज केवल यही चार लोग आजाद है हम कल भी अँधेरे में थे और आज भी अँधेरे में जी रहे हैं अफसोस ..कल गैरों के गुलाम थे -आज अपनों के गुलाम है ..!!! जय हिंद जय भारत….वन्दे मातरम……!

ashokkumardubey के द्वारा
August 13, 2012

प्रीतिश जी , धन्यवाद आपने मेरे विचारों सहमती जाहिर की और साथ हीं बाबा रामदेव के आन्दोलन से जुड़ने का आह्वान भी किया आशा है आप भी टेलीविजन देख रहें होंगे वर्तमान भ्रष्ट सरकार बाबा रामदेव को फेल करने की पूरी तय्यारी कर रखी है उनको संसद जाने से रोक रही है दिल्ली की पुलिस द्वारा धारा १४४ लगा दी गयी है , लेकिन ज्यूँ ज्यूँ सरकार का रवैया इसके विरोध का या रोकने का होगा यह आन्दोलन उतना देश ब्यापी होता जायेगा ऐसा मेरा विचार है और उम्मीद की जा सकती है की बाबा रामदेव पिछली बार की तरह डरकर भागेंगे नहीं उनको पूरा जन समर्थन मिल रहा है और मिडिया भी उनका भरपूर साथ देता दिखाई पड़ रहा है चलिए हम भी नारा लगायें “देश को भ्रष्टाचार से बचाना है और विदेशों में पड़ा काला धन वापस देश को दिलाना है ” जैहिंद

    pritish1 के द्वारा
    August 16, 2012

    जय हिंद जय भारत….वन्दे मातरम……!

akraktale के द्वारा
August 11, 2012

सरकार के सामने कई हकीकत को बयान करते प्रश्न रखे हैं बहुत सराहनीय पहल.बधाई.

    pritish1 के द्वारा
    August 16, 2012

    वन्दे मातरम

dineshaastik के द्वारा
August 11, 2012

प्रितीश जी, आपके विचारों से बहुत ही प्रभावित हूँ। काश ऐसे ही विचार इन आन्दोलनों  के जनको के होते। काश ये लोग अपनी महत्वाकांक्षा के लिये आन्दोलन न  करते। दोंनों ही आन्दोलन केवल एक दूसरे की रणनीतियों  को असफल करने का प्रयास कर रहे है। ये पब्लिक है सब  जानती है। सबके गुप्त एजेन्डें है। क्षमा चाहता हूँ यह आन्दोलन मुझे पारदर्शी नहीं दिख रहे। बहुत दुख हुआ दोंनो आन्दोलनों के गुप्त ऐजेन्डों के समझने के बाद। फिर भी आन्दोलनों का तो समर्थन है, लेकिन व्यक्तियों  का नहीं। दोंनो आन्दोलनों में व्यक्तिवाद हावी है। इस क्राँतिकारी आलेख को जरूर पढ़े- मैं ही हिन्दु. मैं ही मुस्लिम http://amanatein.jagranjunction.com/2012/08/10/12/

    pritish1 के द्वारा
    August 16, 2012

    भारत स्वाभिमान के विचार पूर्णत: सत्य पर आधारित हैं, सदैव सत्य ही विजय होता है हम विजय होंगे……वैदिक संस्कृति को पुन: भारत मैं स्थापित करने की कामना लिए एक भारत स्वाभिमानी जय हिंद जय भारत जय भारत स्वाभिमान

aartisharma के द्वारा
August 11, 2012

आपकी भावना तो देश के प्रति सच्ची हे ,लेकिन जो आन्दोलन चला रहे हे उनकी देश के लिए निष्ठा कब तक हे? या ये भी अन्ना की तरह राजनितिक रुख ले लेंगे…इस देश का कुछ नही हो सकता..

    pritish1 के द्वारा
    August 16, 2012

    ऐसा नहीं है भारत स्वाभिमान के विचार पूर्णत: सत्य पर आधारित हैं, सदैव सत्य ही विजय होता है हम विजय होंगे……वैदिक संस्कृति को पुन: भारत में स्थापित करने की कामना लिए एक भारत स्वाभिमानी जय हिंद जय भारत जय भारत स्वाभिमान

ashishgonda के द्वारा
August 10, 2012

क्या खूब लिखा है प्रीतीश भाई!हम तो आपकी लेखनी के फैन हो गए, और आपका वर्तमान भारत के प्रति प्यार देखकर बहुत खुशी हुई, हम आपके साथ हैं, मैं अपने विद्यालय में भी स्वतंत्रता दिवस पर आपके विचारों से लोगो को अवगत कराऊंगा. 

    pritish1 के द्वारा
    August 16, 2012

    वन्दे मातरम….…

PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
August 9, 2012

प्रीतिश जी, सस्नेह सुन्दर अभिव्यक्ति, बधाई.

    pritish1 के द्वारा
    August 16, 2012

    जय हिंद जय भारत….वन्दे मातरम…….

Mohinder Kumar के द्वारा
August 9, 2012

प्रीतिश जी, रामदेव बाबा हो गये मोदी के भक्त… उनके कहे से तो हम उठने से रहे….इससे तो अच्छा है सोते ही रहें…. परिवर्तन की पहली शर्त है…साफ़ नीयत… वो तो किसी में कहीं नजर नहीं आती…सब कोई अपनी अपनी भांज रहा है… देश जाये चुल्हे में.

    pritish1 के द्वारा
    August 16, 2012

    स्वामीजी के सानिध्य मैं ही भारत पुन: विश्व का नेतृत्व करेगा आने वाले समय में आप देख लीजियेगा वन्देमातरम..

jlsingh के द्वारा
August 8, 2012

कल का इंतज़ार कर लेते हैं … फिर जागेंगे या सोते रहेंगे! अन्ना को देख लिया अब बाबा को भी देख लेंगे! आह्वान अच्छा है! …. कौन झूठा कौन सच्चा है?

    pritish1 के द्वारा
    August 16, 2012

    परिवर्तन की नीव रख दी गयी है……..सत्य यही है अपनी आँखों से अंधकार को हटाने का प्रयत्न कीजिये स्वामीजी के सानिध्य मैं ही भारत पुन: विश्व का नेतृत्व करेगा आने वाले समय में आप देख लीजियेगा वन्देमातरम…….

nishamittal के द्वारा
August 8, 2012

प्रेरक राष्ट्रवादी आह्वान जोशीले शब्दों में अभिव्यक्त किया है आपने.

    pritish1 के द्वारा
    August 16, 2012

    वन्दे मातरम…………………..

tejwanig के द्वारा
August 8, 2012

आपका स्वागत है

    pritish1 के द्वारा
    August 16, 2012

    वन्दे मातरम…….

ajaykr के द्वारा
August 8, 2012

जय हिंद !जय भारत |

    pritish1 के द्वारा
    August 16, 2012

    जय हिंद जय भारत


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